

रेल लाइन के समीप वा फुटपाथ सड़क के किनारे अनाथ, वा बेसहारा बच्चे, बूढ़े असहाय गरीब लोग इस कड़ाके की ठंड मै खुले असमान में सोने को विवश है।ओर इन असहाय लोगों की सुधी लेने वाला कोई नहीं है ,पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि के द्वारा लोगों की आश्रय गृह की वैकल्पिक स्थान सुनिश्चित कराई जाने हेतु सुधी नहीं ली जाती हैं। ओर खुले असमान में इस कड़ाके की ठंड में सोने के लिए विवश है। ऊपरवाले का शुक्राना करते हुए वा,ओर मन मन गुनगुनाते है अपना ऊपरवाला है रखवाला।